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अरब सागर में गहराता कम दबाव, तमिलनाडु में भारी बारिश और आंध्र में तेज हवा के आसार

डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश और आंध्र प्रदेश में बारिश के साथ तेज हवा चलने की आशंका है। किसानों के लिए जलभराव की चेतावनी और गरज-चमक के दौरान सावधानी पर ध्यान देना जरूरी है।

एग्रीवाणी डेस्क · 3 मिनट में पढ़ें
स्वचालित रिपोर्ट, संपादकीय निगरानी में
प्रतीकात्मक तस्वीर: खेत की सिंचाई
प्रतीकात्मक तस्वीर · फोटो: Mark Stebnicki / Pexels

डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका है। तमिलनाडु, कराईकल और पुडुचेरी के कुछ इलाकों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। किसानों के लिए इसमें पानी की स्थिति के साथ खेत में काम करने के दौरान सावधानी का संदेश भी है।

रिपोर्ट में निचले क्षेत्रों में अचानक तेज बारिश से पानी भरने और आवाजाही प्रभावित होने की आशंका बताई गई है। इसलिए सिंचाई और खेत तक आने-जाने की योजना बनाते समय स्थानीय चेतावनी देखें। सिंचाई संबंधी फैसला लेने के लिए स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से सलाह लें।

तमिलनाडु में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु और उसके साथ पुडुचेरी व कराईकल के कुछ हिस्सों में बारिश का अनुमान 115.6 से 204.4 मिमी है। इन क्षेत्रों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा रहने की आशंका के साथ गरज और बिजली गिरने का खतरा भी है।

रिपोर्ट की जलभराव संबंधी चेतावनी निचले इलाकों के किसानों के लिए खास ध्यान देने वाली है। खेत के काम की योजना केवल बारिश की संभावना देखकर न बनाएं, आवाजाही पर पड़ सकने वाले असर को भी ध्यान में रखें। रिपोर्ट में खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और ताजा मौसम जानकारी देखते रहने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश और आसपास बारिश के साथ हवा का खतरा

रिपोर्ट में आंध्र प्रदेश के कुछ क्षेत्रों के लिए 64.5 से 115.5 मिमी बारिश का अनुमान दिया गया है। यहां येलो अलर्ट के साथ हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक रहने की आशंका है। गरज और बिजली के अलावा कुछ इलाकों में सतह पर तेज हवा चलने का खतरा भी बताया गया है।

केरल और माहे के साथ कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में भी रिपोर्ट ने भारी बारिश की संभावना बताई है। यहां अनुमानित बारिश 64.5 से 115.5 मिमी है और येलो अलर्ट बताया गया है। इन इलाकों में हवा 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके साथ गरज और बिजली गिरने की आशंका भी रहेगी।

अरब सागर की प्रणाली आगे किस ओर जाएगी

रिपोर्ट के मुताबिक, अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में मौजूद कम दबाव की प्रणाली अगले 24 घंटों में अवदाब बन सकती है। इसके पहले पूर्व-उत्तर-पूर्व की तरफ बढ़ने, फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ने का अनुमान है। अगले दो से तीन दिनों में यह सोमालिया के तट की ओर बढ़ सकती है। यह आगे की संभावना है, प्रणाली के वहां पहुंच जाने की सूचना नहीं।

दूसरे इलाकों में भी स्थानीय चेतावनी देखें

रिपोर्ट में तेलंगाना, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार और कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्रों में गरज के साथ हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और तटीय कर्नाटक समेत कुछ अन्य क्षेत्रों में भी गरज और बिजली के साथ बारिश की संभावना बताई गई है।

दूसरी ओर, रिपोर्ट के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्सों में सप्ताह के दौरान बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। व्यापक क्षेत्र का यह अनुमान पढ़ते समय अपने इलाके की अलग चेतावनी भी देखें, क्योंकि रिपोर्ट में कुछ स्थानों के लिए गरज और बारिश की संभावना मौजूद है।

किसान इन बातों का ध्यान रखें

  • रिपोर्ट में दी गई सलाह के अनुसार मौसम की ताजा जानकारी देखें और स्थानीय चेतावनियों का पालन करें।
  • गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें। खेत के काम की योजना में इस सावधानी को जगह दें।
  • निचले इलाके में जलभराव और रास्ते प्रभावित होने की चेतावनी को ध्यान में रखकर आवाजाही तय करें।
  • बारिश के पूर्वानुमान के बीच सिंचाई संबंधी निर्णय पर स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से सलाह लें।

यह खबर किसी किसान साथी के काम आ सकती है

लेखक

एग्रीवाणी डेस्क

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