पूर्वांचल के 17 जिलों में 16 अक्टूबर 2026 को बारिश के आसार नहीं हैं। किसान सिंचाई का फैसला बारिश के इंतजार में टालने के बजाय खेत की नमी देखकर करें। कटाई के लिए तैयार फसल और बुवाई से पहले खेत तैयार करने के काम की योजना भी बना सकते हैं, लेकिन केवल साफ मौसम देखकर फसल की तैयारी तय न करें।
नॉर्वे मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज दिन का अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। रात का न्यूनतम स्तर 21 से 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। वाराणसी में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस है, जबकि क्षेत्र में हवा की सबसे ज्यादा अनुमानित रफ्तार सिद्धार्थनगर में 12 किमी प्रति घंटा तक है।
जिलेवार पूर्वानुमान
| जिला | अधिकतम (डिग्री सेल्सियस) | न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस) | बारिश (मिमी) | हवा (किमी प्रति घंटा) |
|---|---|---|---|---|
| वाराणसी | 31 | 24 | 0 | 8 |
| चंदौली | 30 | 23 | 0 | 8 |
| गाजीपुर | 30 | 24 | 0 | 10 |
| जौनपुर | 30 | 22 | 0 | 8 |
| मिर्जापुर | 31 | 24 | 0 | 9 |
| सोनभद्र | 29 | 23 | 0 | 11 |
| भदोही | 31 | 23 | 0 | 9 |
| गोरखपुर | 30 | 22 | 0 | 10 |
| देवरिया | 30 | 22 | 0 | 8 |
| कुशीनगर | 30 | 21 | 0 | 9 |
| महराजगंज | 30 | 22 | 0 | 10 |
| बस्ती | 30 | 23 | 0 | 10 |
| सिद्धार्थनगर | 30 | 22 | 0 | 12 |
| संत कबीर नगर | 30 | 23 | 0 | 11 |
| आजमगढ़ | 30 | 22 | 0 | 9 |
| मऊ | 30 | 22 | 0 | 8 |
| बलिया | 30 | 24 | 0 | 11 |
| जिला | अधिकतम (डिग्री सेल्सियस) | न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस) | बारिश (मिमी) | हवा (किमी प्रति घंटा) |
|---|---|---|---|---|
| वाराणसी | 31 | 23 | 0 | 8 |
| चंदौली | 30 | 22 | 0 | 6 |
| गाजीपुर | 30 | 22 | 0 | 7 |
| जौनपुर | 30 | 22 | 0 | 7 |
| मिर्जापुर | 31 | 23 | 0 | 9 |
| सोनभद्र | 30 | 21 | 0 | 10 |
| भदोही | 31 | 22 | 0 | 7 |
| गोरखपुर | 30 | 21 | 0 | 12 |
| देवरिया | 30 | 21 | 0 | 11 |
| कुशीनगर | 30 | 21 | 0 | 12 |
| महराजगंज | 30 | 21 | 0 | 12 |
| बस्ती | 30 | 21 | 0 | 11 |
| सिद्धार्थनगर | 30 | 20 | 0 | 12 |
| संत कबीर नगर | 30 | 21 | 0 | 12 |
| आजमगढ़ | 30 | 22 | 0 | 9 |
| मऊ | 30 | 22 | 0 | 9 |
| बलिया | 30 | 22 | 0 | 10 |
अगले दिनों में तापमान और हवा का रुख
17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान का क्षेत्रीय दायरा 30 से 31 डिग्री सेल्सियस रहेगा। न्यूनतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वाराणसी में दिन का तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। गोरखपुर में हवा की रफ्तार 12 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और संत कबीर नगर में भी हवा इसी रफ्तार तक रहने का अनुमान है।
18 अक्टूबर के लिए अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस के दायरे में है। न्यूनतम तापमान का अनुमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस है। वाराणसी में अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दिन कुशीनगर में हवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा, 11 किमी प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है।
16, 17 और 18 अक्टूबर के आंकड़ों में किसी जिले की बारिश 1 मिमी तक पहुंचने का भी अनुमान नहीं है। आज सिद्धार्थनगर में आंशिक बादल रह सकते हैं, बाकी जिलों में आसमान साफ रहने का अनुमान है। यह पूर्वानुमान जिला मुख्यालय के बिंदु पर आधारित है, हर खेत की स्थिति या आगे के मौसम की गारंटी नहीं है।
सचेत पर सक्रिय मौसम चेतावनी नहीं
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सचेत चेतावनी फीड के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को पूर्वांचल के इन जिलों में मौसम संबंधी कोई सक्रिय चेतावनी दर्ज नहीं थी। इसे खेत का काम बिना मौसम देखे शुरू करने का आधार न बनाएं। काम पर निकलने से पहले ताजा चेतावनी की स्थिति देखें।
सिंचाई और छिड़काव का फैसला कैसे करें
बारिश का अनुमान नहीं होने से सिंचाई की योजना में खेत की मौजूदा नमी को प्राथमिकता दें। जहां नमी पर्याप्त हो, वहां केवल दिन का तापमान देखकर पानी न लगाएं। नमी कम मिले तो फसल की अवस्था के अनुसार जरूरत तय करें। पानी की मात्रा और सिंचाई के अंतराल के लिए स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग की सलाह लें।
छिड़काव से पहले खेत पर हवा की स्थिति देखें। खासकर जिन जिलों में हवा की रफ्तार ज्यादा रहने का अनुमान है, वहां केवल बारिश न होने को छिड़काव की अनुमति न मानें। हवा बढ़ी हुई मिले तो काम रोकें और उपयुक्त स्थिति का इंतजार करें। मौसम के इन आंकड़ों से किसी दवा या उसकी खुराक का चुनाव नहीं किया जा सकता।
कटाई, बुवाई की तैयारी और सुरक्षा
कटाई के लिए तैयार फसल हो तो बारिश रहित पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर मजदूरों और उपज रखने की जगह की व्यवस्था करें। केवल मौसम साफ होने के कारण अधपकी फसल न काटें। कटी उपज को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित रखने और जरूरत पर ढकने की तैयारी रखें।
बुवाई से पहले खेत की नमी जांचें और उसी के अनुसार तैयारी का काम तय करें। इन आंकड़ों के आधार पर किसी खास फसल की बुवाई की तारीख तय न करें। दिन के तापमान को देखते हुए पशुओं के लिए पानी और छायादार जगह की व्यवस्था रखें। चारे को भी सुरक्षित स्थान पर रखें।
किसान इन बातों का ध्यान रखें
- सिंचाई से पहले खेत की नमी और फसल की जरूरत जांचें।
- छिड़काव शुरू करने से पहले मौके पर हवा देखें और दवा संबंधी सलाह स्थानीय कृषि विभाग से लें।
- कटाई के साथ उपज को समेटने और सुरक्षित रखने की व्यवस्था करें।
- बुवाई की तैयारी नमी देखकर करें, केवल साफ आसमान देखकर फैसला न लें।
- पशुओं के पानी और छाया की व्यवस्था जांचें तथा ताजा मौसम चेतावनी देखते रहें।
स्रोत
- पूर्वांचल (वाराणसी, मिर्जापुर, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल) का मौसम पूर्वानुमान (Locationforecast 2.0), MET Norway (नॉर्वे मौसम विज्ञान संस्थान), 16 अक्टूबर 2026. मौसम डेटा: MET Norway, CC BY 4.0 लाइसेंस के तहत (17 स्थानों के बिंदु पूर्वानुमान)
- SACHET सामान्य चेतावनी प्रोटोकॉल (CAP) फीड, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), SACHET, 16 अक्टूबर 2026





