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16 अक्टूबर का मौसम: आगरा और मथुरा में बारिश का अनुमान, खेत के काम में रखें ध्यान

16 अक्टूबर को आगरा और मथुरा में बारिश का अनुमान है, जबकि 17 और 18 अक्टूबर के लिए सभी स्थानों पर बारिश का आंकड़ा 0 मिमी है। खेत की नमी और स्थानीय मौसम देखकर सिंचाई, छिड़काव और कटाई की योजना बनाएं।

एग्रीवाणी डेस्क · 4 मिनट में पढ़ें
स्वचालित रिपोर्ट, संपादकीय निगरानी में
प्रतीकात्मक तस्वीर: हरे खेतों के ऊपर बारिश के बादल
प्रतीकात्मक तस्वीर · फोटो: Josias Salinas / Pexels

16 अक्टूबर 2026 को आगरा और मथुरा में बारिश की संभावना खेत के काम की योजना में ध्यान रखने वाली बात है। आगरा में अनुमानित बारिश 2 मिमी है, जबकि मथुरा में 1 मिमी रह सकती है। इन स्थानों पर सिंचाई और छिड़काव से पहले खेत की स्थिति देखें तथा कटी उपज को ढकने की व्यवस्था रखें। क्षेत्र के बाकी स्थानों के लिए बारिश का अनुमान 0 मिमी है।

नॉर्वे मौसम विज्ञान संस्थान के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के इन 12 जिलों में आज अधिकतम तापमान का दायरा 27 से 32 डिग्री सेल्सियस है। न्यूनतम तापमान के लिए 17 से 23 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। झांसी में दिन का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जो क्षेत्र में सबसे ज्यादा है। हवा की सबसे ज्यादा अनुमानित गति नोएडा में है, यहां यह 11 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

जिलेवार पूर्वानुमान

16 अक्टूबर (शुक्रवार), भारतीय समय के अनुसार
जिलाअधिकतम (डिग्री सेल्सियस)न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस)बारिश (मिमी)हवा (किमी प्रति घंटा)
कानपुर312307
आगरा292226
मेरठ281808
बरेली281908
गाजियाबाद2820010
नोएडा (गौतम बुद्ध नगर)2920011
अलीगढ़292008
मुरादाबाद281808
झांसी322208
सहारनपुर271708
मथुरा292218
फिरोजाबाद292109
17 अक्टूबर (शनिवार), भारतीय समय के अनुसार
जिलाअधिकतम (डिग्री सेल्सियस)न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस)बारिश (मिमी)हवा (किमी प्रति घंटा)
कानपुर322308
आगरा312209
मेरठ292008
बरेली292009
गाजियाबाद302108
नोएडा (गौतम बुद्ध नगर)302008
अलीगढ़302007
मुरादाबाद291909
झांसी322307
सहारनपुर281808
मथुरा312109
फिरोजाबाद312206

17 और 18 अक्टूबर को क्या बदलेगा

17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। रात के न्यूनतम तापमान का दायरा 18 से 23 डिग्री सेल्सियस होगा। कानपुर में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दिन सभी स्थानों पर बारिश का अनुमान 0 मिमी है। आगरा में हवा की गति 9 किमी प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है, जो क्षेत्र में सबसे ज्यादा है।

18 अक्टूबर के लिए भी सभी स्थानों पर अनुमानित बारिश 0 मिमी है। दिन के अधिकतम तापमान का दायरा 28 से 32 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 17 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बरेली और मुरादाबाद में हवा की गति 12 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़ और सहारनपुर में 17 और 18 अक्टूबर को आसमान साफ रहने के संकेत हैं। फिरोजाबाद में आज बादल छाए रहने के बाद आसमान खुलने का अनुमान है।

सचेत में सक्रिय मौसम चेतावनी नहीं

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचेत फीड के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को इस क्षेत्र के जिलों में कोई मौसम चेतावनी सक्रिय नहीं थी। चेतावनी नहीं होने को आगरा और मथुरा में बारिश की संभावना खत्म होने का संकेत न मानें। यह पूर्वानुमान जिला मुख्यालय के बिंदु पर आधारित है, हर खेत में ऐसी ही स्थिति रहने या आगे के मौसम की गारंटी नहीं है।

सिंचाई और छिड़काव में स्थानीय स्थिति देखें

आगरा और मथुरा में अनुमानित बारिश के आधार पर सिंचाई अपने आप रद्द न करें। पहले मिट्टी की नमी और फसल की जरूरत देखें। दूसरे स्थानों पर बारिश का अनुमान नहीं है, लेकिन केवल इसी वजह से पानी लगाने का फैसला भी न लें। सिंचाई की जरूरत स्पष्ट न हो तो स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से सलाह लें।

बारिश की संभावना वाले स्थानों में छिड़काव से पहले खेत पर मौसम देखें। नोएडा में आज तथा बरेली और मुरादाबाद में 18 अक्टूबर की अनुमानित हवा को काम की योजना में शामिल करें। दैनिक आंकड़ों से छिड़काव का कोई निश्चित समय तय न करें। दवा, मात्रा और उपयुक्त समय के बारे में स्थानीय कृषि सलाह लें।

कटाई, बुवाई की तैयारी और उपज की सुरक्षा

17 और 18 अक्टूबर के बारिश रहित पूर्वानुमान को कटाई और उपज सुखाने की योजना में शामिल कर सकते हैं। कटाई तभी तय करें जब फसल तैयार हो। आगरा और मथुरा में आज खुले में रखी उपज को बारिश से बचाने का इंतजाम रखें। सुखाई गई उपज के भंडारण से पहले उसकी नमी की स्थिति जांचें।

बुवाई की तैयारी से पहले देखें कि मिट्टी काम करने लायक है या नहीं। साफ आसमान का अनुमान अकेले बुवाई का आधार नहीं है। फसल और खेत की दशा के अनुसार स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र से मार्गदर्शन लें। बारिश की संभावना वाले स्थानों में पशुओं के चारे को ढककर रखें और उनके रहने की जगह को भीगने से बचाने की व्यवस्था करें।

किसान इन कामों को प्राथमिकता दें

  • सिंचाई का फैसला खेत की नमी देखकर करें, अनुमानित बारिश को पर्याप्त पानी न मानें।
  • छिड़काव से पहले खेत पर हवा और बारिश की स्थिति जांचें तथा जरूरत पर स्थानीय सलाह लें।
  • तैयार फसल की कटाई और उपज सुखाने का काम स्थानीय मौसम से मिलाकर तय करें।
  • बुवाई की तैयारी में मिट्टी की दशा देखें और उपज, चारे तथा पशुओं के आश्रय को बारिश से सुरक्षित रखें।

स्रोत

यह खबर किसी किसान साथी के काम आ सकती है

लेखक

एग्रीवाणी डेस्क

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