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मुंबई के बीकेसी में सुमितोमो मित्सुई ने लिया दफ्तर, पांच साल का किराया 189 करोड़ रुपये

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन ने मुंबई के बीकेसी में दफ्तर के लिए पांच साल का पट्टा किया है। रिपोर्ट में इस अवधि का कुल किराया 189 करोड़ रुपये बताया गया है।

एग्रीवाणी डेस्क · 3 मिनट में पढ़ें
स्वचालित रिपोर्ट, संपादकीय निगरानी में
प्रतीकात्मक तस्वीर: हरे-भरे खेत
प्रतीकात्मक तस्वीर · फोटो: Fatih Turan / Pexels

मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉरपोरेशन ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स, यानी बीकेसी में करीब 50,000 वर्ग फुट दफ्तर किराये पर लिया है। 6 अक्टूबर 2026 के इस समझौते की अवधि पांच साल है। रिपोर्ट में इस अवधि का कुल किराया 189 करोड़ रुपये बताया गया है।

किसानों के लिए इस खबर का संदर्भ समझना जरूरी है। यह बैंक के दफ्तर की जगह और उसके किराये का सौदा है। रिपोर्ट में खाद्य कीमतों, फसल के दाम या कृषि कर्ज पर इसके असर का ब्योरा नहीं है। इसलिए इसे खेती की आय या लागत में बदलाव का संकेत मानना उचित नहीं होगा।

किस जगह और किन शर्तों पर हुआ समझौता

रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंक ने गोइसु रियल्टी से यह जगह ली है। यह कंपनी जापान के सुमितोमो रियल्टी एंड डेवलपमेंट का भारतीय रियल एस्टेट कारोबार संभालती है। दफ्तर बीकेसी की सुमितोमो सी65 व्यावसायिक इमारत की ऊपरी मंजिल पर है। समझौते में दर्ज जगह का क्षेत्रफल 49,820 वर्ग फुट है।

मिंट ने हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के हवाले से सौदे का विवरण दिया है। इसका आधार संपत्ति संबंधी पंजीकरण दस्तावेज हैं, जिन्हें प्रॉपस्टैक ने हासिल किया था। यानी किराये और पट्टे की शर्तों से जुड़े आंकड़े दस्तावेजों पर आधारित मीडिया रिपोर्ट से आए हैं।

किराया, जमा राशि और भुगतान का समय

रिपोर्ट के मुताबिक, मासिक किराये की दर प्रति वर्ग फुट 694 रुपये तय हुई है। शुरुआती मासिक किराया लगभग 3.46 करोड़ रुपये बताया गया है। किराये में बढ़ोतरी लागू होने से पहले सालाना खर्च करीब 41.5 करोड़ रुपये होगा। ये आंकड़े दफ्तर की जगह के भुगतान से संबंधित हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि हर तीन साल में किराया 15 प्रतिशत बढ़ाने की शर्त है। समझौते के तहत 35.115 करोड़ रुपये की सुरक्षा जमा राशि भी रखी गई है। किराया और सुरक्षा जमा अलग मद हैं, इसलिए सौदे को समझते समय दोनों को अलग पढ़ना जरूरी है।

आगे के भुगतान को लेकर रिपोर्ट का कहना है कि समझौते में नौ महीने की किराया छूट शामिल है। किराया चुकाने की शुरुआत जून 2027 में निर्धारित है। इस तरह पट्टे की तारीख और किराया भुगतान शुरू होने का समय अलग हैं।

बीकेसी में कंपनी के विस्तार का संदर्भ

मिंट के अनुसार, गोइसु रियल्टी मुंबई में व्यावसायिक दफ्तर विकसित करती है। सुमितोमो समूह की भारत में विस्तार की रणनीति में दफ्तर बनाना, उन्हें किराये पर देना और उनका प्रबंधन करना शामिल है। सुमितोमो सी65 परियोजना भी इसी कारोबारी मॉडल का हिस्सा है।

रिपोर्ट में इसी इलाके के एक पुराने सौदे का उदाहरण भी है। 2025 में अमेरिका की वित्तीय सेवा कंपनी जेपी मॉर्गन ने गोइसु रियल्टी की दूसरी व्यावसायिक इमारत में 1.16 लाख वर्ग फुट जगह के लिए अग्रिम पट्टा किया था। प्रॉपस्टैक के दस्तावेजों के हवाले से उसका मासिक किराया 6.91 करोड़ रुपये बताया गया है।

मिंट ने बीकेसी को देश का सबसे महंगा और अधिक मांग वाला व्यावसायिक इलाका बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, यहां रिजर्व बैंक, आयकर और जीएसटी के कार्यालय हैं। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और जियो कन्वेंशन सेंटर भी इसी इलाके में हैं। यह विवरण दफ्तर वाले सौदे का व्यावसायिक संदर्भ बताता है।

किसान खबर पढ़ते समय ये बातें ध्यान में रखें

  • 189 करोड़ रुपये को रिपोर्ट में बताए गए पांच साल के कुल किराये के रूप में पढ़ें।
  • मासिक किराये, सालाना खर्च और सुरक्षा जमा को अलग-अलग मद के तौर पर देखें।
  • समझौते की तारीख और जून 2027 से निर्धारित किराया भुगतान के बीच फर्क रखें।
  • इस खबर का इस्तेमाल दफ्तर के पट्टे को समझने के लिए करें, फसल बेचने या कृषि कर्ज का फैसला इससे न जोड़ें।

स्रोत

यह खबर किसी किसान साथी के काम आ सकती है

लेखक

एग्रीवाणी डेस्क

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