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सितंबर में खाद्य थोक महंगाई 8.66 प्रतिशत, कृषि समूह का उत्पादक मूल्य सूचकांक बढ़ा

सितंबर 2026 में खाद्य थोक महंगाई और कृषि, वानिकी तथा मत्स्य पालन का आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक बढ़ा। कुल थोक महंगाई के आंकड़े में विज्ञप्ति के मुख्य पाठ और अनुलग्नक में अंतर है।

एग्रीवाणी डेस्क · 3 मिनट में पढ़ें
स्वचालित रिपोर्ट, संपादकीय निगरानी में
प्रतीकात्मक तस्वीर: सब्जी बाजार
प्रतीकात्मक तस्वीर · फोटो: Lisa Fotios / Pexels

सितंबर 2026 में खाद्य समूह की थोक महंगाई अगस्त के मुकाबले बढ़ी। पीआईबी की विज्ञप्ति के अनुसार, खाद्य सूचकांक की वार्षिक महंगाई दर सितंबर में 8.66 प्रतिशत रही, जबकि अगस्त 2026 में यह 7.05 प्रतिशत थी। कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन का आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक भी अगस्त के 116.5 से बढ़कर सितंबर में 118.7 रहा।

दाम पर नजर रखने वाले किसानों के लिए इन आंकड़ों की सीमा समझना जरूरी है। उपलब्ध विज्ञप्ति में समूहवार सूचकांक हैं, किसी फसल का एमएसपी या स्थानीय मंडी भाव नहीं दिया गया है। सितंबर के आंकड़े अनंतिम हैं और सूचकांकों का आधार वर्ष 2022-23 है।

खाद्य समूह में सूचकांक और महंगाई का हाल

पीआईबी की विज्ञप्ति के मुताबिक, खाद्य सूचकांक में प्राथमिक वस्तुओं की खाद्य सामग्री और विनिर्मित उत्पादों के खाद्य उत्पाद शामिल हैं। अनुलग्नकों में इनके सूचकांक और सालाना महंगाई दर अलग-अलग दी गई हैं। अगस्त 2026 से सितंबर 2026 की तुलना इस तरह है:

  • खाद्य सूचकांक: अगस्त में 118.5 था और सितंबर में 120.4 रहा।
  • खाद्य सामग्री: सूचकांक 119.3 से बढ़कर 122.2 हुआ। वार्षिक महंगाई दर 5.67 प्रतिशत से बढ़कर 8.14 प्रतिशत रही।
  • खाद्य उत्पादों का विनिर्माण: सूचकांक 117.0 से बढ़कर 117.1 रहा, लेकिन वार्षिक महंगाई दर 9.65 प्रतिशत से घटकर 9.44 प्रतिशत रही।
  • गैर-खाद्य पदार्थ: सूचकांक 113.3 से बढ़कर 113.7 हुआ। वार्षिक महंगाई दर 14.79 प्रतिशत से घटकर 10.28 प्रतिशत रही।

कुल थोक महंगाई के आंकड़े में अंतर

सभी वस्तुओं का थोक मूल्य सूचकांक सितंबर में 112.5 रहा, जबकि अगस्त में 110.8 था। हालांकि, सितंबर की कुल वार्षिक महंगाई दर विज्ञप्ति के मुख्य पाठ में 139 प्रतिशत और अनुलग्नक में 11.39 प्रतिशत दी गई है। यहां इस अंतर को स्पष्ट रखते हुए दोनों आंकड़े उनके संबंधित हिस्सों के अनुसार दिए गए हैं। अगस्त की दर 9.92 प्रतिशत दर्ज है।

सितंबर में प्राथमिक वस्तुओं की वार्षिक महंगाई दर 8.67 प्रतिशत, ईंधन और बिजली की 25.85 प्रतिशत तथा विनिर्मित उत्पादों की 9.76 प्रतिशत रही। विज्ञप्ति में खाद्य पदार्थ, खनिज तेल, कच्चा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, कोयला और लिग्नाइट सहित कई विनिर्माण समूहों को थोक महंगाई के प्रमुख कारकों में रखा गया है।

कृषि समूह का आउटपुट मूल्य सूचकांक बढ़ा

सभी वस्तुओं का आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक सितंबर में 112.5 रहा, जबकि अगस्त में 110.8 था। पीआईबी के अनुलग्नक के मुताबिक, कृषि से जुड़े सभी समूहों के मूल्य सूचकांक की दिशा एक जैसी नहीं रही। अगस्त से सितंबर के आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • फसल एवं पशु उत्पादन, शिकार एवं संबंधित सेवा गतिविधियां: सूचकांक 117.1 से बढ़कर 119.9 रहा।
  • वानिकी और लॉगिंग: सूचकांक 121.1 से घटकर 120.9 रहा।
  • मछली पकड़ना और जलीय कृषि: सूचकांक 103.1 से घटकर 100.0 रहा।
  • खाद्य उत्पादों का विनिर्माण: आउटपुट मूल्य सूचकांक 117.6 से बढ़कर 117.7 रहा।

प्रायोगिक इनपुट सूचकांक और जुलाई के अंतिम आंकड़े

विज्ञप्ति में प्रायोगिक इनपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक विनिर्माण क्षेत्र के लिए दिया गया है। सितंबर 2026 में यह 106.1 रहा, जबकि अगस्त में 104.2 था। खाद्य उत्पादों के विनिर्माण का इनपुट सूचकांक 114.7 से बढ़कर 115.3 और रसायनों तथा रासायनिक उत्पादों का 110.8 से बढ़कर 113.4 रहा। मशीनरी और उपकरण के विनिर्माण में यह 106.2 से घटकर 104.5 रहा।

जुलाई 2026 का अंतिम थोक मूल्य सूचकांक 110.0 और वार्षिक महंगाई दर 9.78 प्रतिशत पर बिना बदलाव के रहे। जुलाई का अंतिम आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक भी 109.9 पर कायम रहा। वहीं, विनिर्माण क्षेत्र का जुलाई का प्रायोगिक इनपुट सूचकांक अनंतिम 105.9 से संशोधित होकर अंतिम 105.5 हुआ।

किसान आंकड़े पढ़ते समय क्या ध्यान रखें

  • सितंबर के आंकड़ों को अनंतिम और जुलाई के आंकड़ों को अंतिम मानकर तुलना करें।
  • सूचकांक के स्तर और प्रतिशत में दी गई वार्षिक महंगाई दर को अलग-अलग पढ़ें।
  • समूहवार सूचकांक को अपनी फसल का एमएसपी या स्थानीय मंडी भाव न मानें। उपलब्ध पाठ में ये दाम नहीं दिए गए हैं।
  • कुल थोक महंगाई के मुख्य पाठ और अनुलग्नक का अंतर ध्यान में रखें। प्रायोगिक इनपुट सूचकांक को विनिर्माण क्षेत्र के संदर्भ में ही देखें।

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