किसानों के लिए एक अच्छी खबर आई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत कर्ज चुकाने के समय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पेश किया है। इससे पहले, वित्त मंत्री ने बजट में केसीसी की सीमा बढ़ाने का ऐलान किया था, जिसके तहत अब किसान 5 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे। अब रिजर्व बैंक ने कर्ज चुकाने के लिए 6 साल का समय देने का विचार किया है।
हाल ही में, रिजर्व बैंक ने केसीसी योजना के दिशा-निर्देशों में संशोधन के लिए एक मसौदा जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कवरेज का विस्तार और कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं को समझना है। इस मसौदे पर आम लोगों और अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे गए हैं, जिनकी अंतिम तिथि 6 मार्च, 2026 है।
इस प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि फसल सत्रों के आधार पर ऋण की स्वीकृति और पुनर्भुगतान कार्यक्रम को मानकीकृत किया जाए। फसलों की अवधि के अनुसार, कम अवधि वाली फसलों के लिए 12 महीने और लंबी अवधि वाली फसलों के लिए 18 महीने का चक्र निर्धारित किया गया है।
आरबीआई का यह कदम किसानों को वित्तीय बोझ से राहत देने के लिए है। इससे किसानों को अपनी फसल की लागत के अनुसार कर्ज मिलने में आसानी होगी। तकनीकी खर्चों जैसे मिट्टी की जांच और जैविक कृषि के प्रमाणन को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
इस तरह के सुधार किसानों के लिए बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर प्रदान करेंगे और उन्हें कर्ज चुकाने में अधिक समय देंगे, जिससे वे अपने आर्थिक दबाव को कम कर सकेंगे।





