16 अक्टूबर 2026 को खेत के काम की योजना में राजस्थान की आकाशीय बिजली, उत्तर प्रदेश की बाढ़ और केरल की बहुत भारी बारिश की चेतावनियों का ध्यान रखना जरूरी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचेत फीड के अनुसार, देश में 4 चेतावनियां सक्रिय दर्ज थीं। इनमें सबसे ज्यादा राजस्थान में हैं। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के लिए पहले सुरक्षित आवाजाही और मौसम देखकर काम तय करना अहम है।
कृषि केंद्रों का पूर्वानुमान अलग तस्वीर दिखाता है। नॉर्वे मौसम विज्ञान संस्थान के आंकड़ों पर आधारित एग्रीवाणी के पूर्वानुमान में शामिल 9 केंद्रों में राजकोट सबसे गर्म है। गुंटूर में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि लुधियाना, करनाल और श्रीगंगानगर में दिए गए सभी दिनों के लिए बारिश 0 मिमी है। ये जिला मुख्यालय के बिंदु के पूर्वानुमान हैं, इन्हें पूरे राज्य की स्थिति न मानें।
राज्यवार सक्रिय चेतावनियां
| राज्य | चेतावनी | गंभीरता | संख्या | क्षेत्र | कब तक |
|---|---|---|---|---|---|
| राजस्थान | गरज-चमक और आकाशीय बिजली | गंभीर | 2 | अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर; Ajmer, Bikaner, Churu, Dholpur, Didwana-Kuchaman, Jaisalmer, Khairthal-Tijara, Nagaur, Phalodi, Sawai Madhopur, Tonk | 16 अक्टूबर, सुबह 9:30 बजे |
| उत्तर प्रदेश | बाढ़ | मध्यम | 1 | SAI, Rae-Bareli, Rae-Bareli, Uttar Pradesh | 16 अक्टूबर, सुबह 9:00 बजे |
| केरल | बहुत भारी बारिश | गंभीर | 1 | Ernakulam, Idukki, Kottayam, Pathanamthitta | 16 अक्टूबर, दोपहर 2:16 बजे |
प्रमुख कृषि केंद्रों का पूर्वानुमान
| स्थान | अधिकतम (डिग्री सेल्सियस) | न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस) | बारिश (मिमी) | हवा (किमी प्रति घंटा) |
|---|---|---|---|---|
| लुधियाना (पंजाब) | 30 | 18 | 0 | 7 |
| करनाल (हरियाणा) | 28 | 18 | 0 | 5 |
| श्रीगंगानगर (राजस्थान) | 30 | 21 | 0 | 9 |
| इंदौर (मध्य प्रदेश) | 33 | 24 | 0 | 12 |
| राजकोट (गुजरात) | 37 | 24 | 0 | 17 |
| नासिक (महाराष्ट्र) | 33 | 22 | 0 | 11 |
| गुंटूर (आंध्र प्रदेश) | 32 | 25 | 2 | 14 |
| पटना (बिहार) | 29 | 23 | 1 | 10 |
| बर्धमान (पश्चिम बंगाल) | 31 | 25 | 0 | 9 |
| स्थान | अधिकतम (डिग्री सेल्सियस) | न्यूनतम (डिग्री सेल्सियस) | बारिश (मिमी) | हवा (किमी प्रति घंटा) |
|---|---|---|---|---|
| लुधियाना (पंजाब) | 31 | 19 | 0 | 8 |
| करनाल (हरियाणा) | 30 | 19 | 0 | 9 |
| श्रीगंगानगर (राजस्थान) | 30 | 19 | 0 | 8 |
| इंदौर (मध्य प्रदेश) | 33 | 25 | 1 | 10 |
| राजकोट (गुजरात) | 37 | 24 | 0 | 14 |
| नासिक (महाराष्ट्र) | 33 | 22 | 0 | 15 |
| गुंटूर (आंध्र प्रदेश) | 31 | 25 | 2 | 13 |
| पटना (बिहार) | 30 | 22 | 0 | 8 |
| बर्धमान (पश्चिम बंगाल) | 31 | 24 | 1 | 7 |
राजस्थान में बिजली की चेतावनियां सबसे ज्यादा
राजस्थान के लिए 2 चेतावनियां गरज-चमक और आकाशीय बिजली से जुड़ी हैं। इनकी गंभीरता गंभीर है और सबसे देर तक लागू रहने वाली चेतावनी की अवधि 16 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे तक है। प्रभावित क्षेत्र में गरज सुनाई देने या बिजली चमकने पर खुले खेत में काम जारी न रखें। सुरक्षित आश्रय में जाएं और खेत लौटने से पहले ताजा चेतावनी देखें।
श्रीगंगानगर में बारिश का पूर्वानुमान 0 मिमी होने को राजस्थान के सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली का खतरा नहीं होने का संकेत न समझें। किसी कृषि केंद्र का अनुमान और चेतावनी का क्षेत्र अलग हो सकते हैं। अपने क्षेत्र पर लागू चेतावनी को काम तय करने में प्राथमिकता दें।
उत्तर प्रदेश में बाढ़, केरल में बहुत भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की 1 चेतावनी मध्यम श्रेणी की है। इसकी दी गई अवधि 16 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे तक है। प्रभावित क्षेत्रों में खेत तक पहुंचने का रास्ता पहले देखें। पानी से भरे रास्ते से निकलने या बहाव पार करके खेत पहुंचने का जोखिम न लें। बाढ़ की चेतावनी को केवल स्थानीय बारिश देखकर नजरअंदाज न करें।
केरल में बहुत भारी बारिश की 1 चेतावनी गंभीर श्रेणी में दर्ज है। यह 16 अक्टूबर को दोपहर 2:16 बजे तक लागू बताई गई है। प्रभावित क्षेत्रों में खुले में रखी उपज को भीगने से बचाएं और बारिश के दौरान छिड़काव टालें। खेत में पानी निकलने का रास्ता देखना हो तो अपनी सुरक्षा को पहले रखें।
चेतावनियों का यह ब्यौरा फीड में दर्ज स्थिति का है। बताई गई अवधि समाप्त होने को अपने आप खतरा खत्म होने का प्रमाण न मानें। खेत जाने से पहले नई चेतावनी और स्थानीय स्थिति की जानकारी लें।
कृषि केंद्रों में गर्मी और बारिश का अलग रुख
राजकोट में 16 अक्टूबर और 17 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 अक्टूबर के लिए यह 36 डिग्री सेल्सियस है। इन केंद्रों में 16 अक्टूबर को सबसे तेज हवा भी राजकोट में है, जिसकी गति 17 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। गर्मी में खेत के श्रम वाले काम तय करते समय आराम और पीने के पानी का ध्यान रखें। छिड़काव से पहले खेत में हवा की स्थिति देखें।
गुंटूर के लिए 16 अक्टूबर और 17 अक्टूबर को बारिश का अनुमान 2 मिमी है। 18 अक्टूबर को 1 मिमी बारिश संभव है। इंदौर में 17 अक्टूबर को 1 मिमी और 18 अक्टूबर को 2 मिमी बारिश का पूर्वानुमान है। इन जगहों पर छिड़काव का फैसला सिर्फ आसमान देखकर न करें, बारिश के अनुमान को भी ध्यान में रखें।
पटना में 16 अक्टूबर के लिए 1 मिमी बारिश का अनुमान है, जबकि बर्धमान में 17 अक्टूबर को इतनी बारिश बताई गई है। इन दिनों साफ आसमान का संकेत भी मौजूद है। इसलिए साफ मौसम के चिह्न को बारिश की संभावना खत्म होने का संकेत न समझें। नासिक में दिए गए सभी दिनों में बारिश 0 मिमी है, लेकिन 17 अक्टूबर को हवा की गति 15 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है।
किसान काम तय करते समय ये बातें रखें
- अपने क्षेत्र की चेतावनी और उसकी लागू अवधि देखें, केवल नजदीकी कृषि केंद्र के पूर्वानुमान पर निर्भर न रहें।
- गरज-चमक के दौरान खुले खेत में न रुकें और सुरक्षित आश्रय में जाएं।
- बाढ़ प्रभावित रास्तों और बहते पानी को पार करके खेत पहुंचने की कोशिश न करें।
- बारिश के अनुमान वाले दिनों में छिड़काव टालें और खुली उपज को सुरक्षित रखें।
- फसल की जरूरत के अनुसार सिंचाई या छिड़काव तय करने के लिए स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग से सलाह लें।
स्रोत
- देश भर का मौसम पूर्वानुमान (Locationforecast 2.0), MET Norway (नॉर्वे मौसम विज्ञान संस्थान), 16 अक्टूबर 2026. मौसम डेटा: MET Norway, CC BY 4.0 लाइसेंस के तहत (9 स्थानों के बिंदु पूर्वानुमान)
- SACHET सामान्य चेतावनी प्रोटोकॉल (CAP) फीड, देश भर की सक्रिय चेतावनियां, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), SACHET, 16 अक्टूबर 2026





