दिल्ली में 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा AI समिट 2026, न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है। इस समिट में टेक्नोलॉजी के दिग्गज, जैसे कि Google के सुंदर पिचाई, OpenAI के सैम ऑल्टमैन और Nvidia के जेन्सन हुआंग, एक साथ मिलकर एआई के भविष्य का रोडमैप तैयार करेंगे। यह एक ऐसा अवसर है जहां भारत अपनी तकनीकी क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।
समिट का आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा, और यह चार दिनों तक चलेगा। यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ का कोई देश इस तरह के विशाल एआई सम्मेलन की मेज़बानी कर रहा है। इस दौरान, 15-20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों, 50 से अधिक देशों के मंत्रियों, और दुनिया के 40 से अधिक प्रमुख सीईओ भी शामिल होंगे।
समिट के दौरान, पीएम मोदी 19 फरवरी को मुख्य भाषण देंगे। समिट की संरचना भारतीय दर्शन और आधुनिक तकनीक का मेल है, जिसे तीन स्तंभों – People, Planet, Progress में बांटा गया है। इसके साथ ही, AI के सुरक्षा, स्किलिंग, समावेशिता और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर काम करने के लिए सात वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस समिट में केवल भाषण नहीं होंगे, बल्कि प्रतिभा का परीक्षण भी किया जाएगा। AI for ALL और AI by HER के तहत महिलाओं और नवाचार के लिए ₹2.50 करोड़ तक के पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा, 13 से 21 साल के युवाओं के लिए ₹85 लाख के पुरस्कार भी रखे गए हैं।
भारत का डेटा योगदान और एआई वर्कफोर्स दुनिया में सबसे बड़ा है, और यह समिट इस बात का सबूत है कि भारत एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस प्रकार, AI समिट 2026 न केवल एक सम्मेलन है, बल्कि यह भारत के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।




