प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के तहत, गांवों में जीवन को आसान बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ‘कोर कॉमन सर्विसेज’ का विस्तार किया जा रहा है। उमा महादेवन की अध्यक्षता वाली समिति ने अनिवार्य सेवाओं को 7 से बढ़ाकर 50 करने की सिफारिश की है, जबकि राज्यों ने 70 से अधिक सेवाओं का सुझाव दिया है। पंचायती राज मंत्रालय इन सुझावों के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र, मनरेगा और पेंशन जैसी अधिक नागरिक सेवाओं को ग्राम पंचायत स्तर पर अनिवार्य करेगा, जिससे ग्रामीण सेवा वितरण में सुधार होगा।

